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भारत सम्बन्धी लेख

भारत सम्बन्धी लेख

Book Details

  • Author: काल मार्क्स

  • Edition: मई 2009

  • Cover: Paperback

  • ISBN: 9788170072072

  • Multiple Book Set: No

About the Book
यह पुस्तक काल मार्क्स के मूल वैचारिक लेखन और सामाजिक-आर्थिक चिंतन को प्रस्तुत करने वाली एक महत्वपूर्ण कृति है। इसमें पूँजीवादी व्यवस्था की संरचना, उसके अंतर्विरोधों और वर्ग संघर्ष की ऐतिहासिक प्रक्रिया को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से समझाया गया है। मार्क्स के विचार सामाजिक परिवर्तन की उन शक्तियों को उजागर करते हैं, जो इतिहास की दिशा को निर्धारित करती हैं।

पुस्तक में यह स्पष्ट किया गया है कि आर्थिक ढाँचा किस प्रकार राजनीति, राज्य और सामाजिक संबंधों को प्रभावित करता है। वर्गों के बीच संबंध, श्रम का शोषण और सामाजिक असमानता जैसे प्रश्नों को लेखक ने गहन विश्लेषण के साथ प्रस्तुत किया है, जिससे पाठक पूँजीवादी समाज की वास्तविकताओं को बेहतर ढंग से समझ सकें।

मई 2009 का यह संस्करण आज की बदलती सामाजिक-आर्थिक परिस्थितियों में भी अत्यंत प्रासंगिक है। यह कृति राजनीति, अर्थशास्त्र, समाजशास्त्र और मार्क्सवादी विचारधारा में रुचि रखने वाले विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं और विचारशील पाठकों के लिए समान रूप से उपयोगी और विचारोत्तेजक मानी जाती है।



$0.26

Original: $0.85

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  • Author: काल मार्क्स

  • Edition: मई 2009

  • Cover: Paperback

  • ISBN: 9788170072072

  • Multiple Book Set: No

About the Book
यह पुस्तक काल मार्क्स के मूल वैचारिक लेखन और सामाजिक-आर्थिक चिंतन को प्रस्तुत करने वाली एक महत्वपूर्ण कृति है। इसमें पूँजीवादी व्यवस्था की संरचना, उसके अंतर्विरोधों और वर्ग संघर्ष की ऐतिहासिक प्रक्रिया को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से समझाया गया है। मार्क्स के विचार सामाजिक परिवर्तन की उन शक्तियों को उजागर करते हैं, जो इतिहास की दिशा को निर्धारित करती हैं।

पुस्तक में यह स्पष्ट किया गया है कि आर्थिक ढाँचा किस प्रकार राजनीति, राज्य और सामाजिक संबंधों को प्रभावित करता है। वर्गों के बीच संबंध, श्रम का शोषण और सामाजिक असमानता जैसे प्रश्नों को लेखक ने गहन विश्लेषण के साथ प्रस्तुत किया है, जिससे पाठक पूँजीवादी समाज की वास्तविकताओं को बेहतर ढंग से समझ सकें।

मई 2009 का यह संस्करण आज की बदलती सामाजिक-आर्थिक परिस्थितियों में भी अत्यंत प्रासंगिक है। यह कृति राजनीति, अर्थशास्त्र, समाजशास्त्र और मार्क्सवादी विचारधारा में रुचि रखने वाले विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं और विचारशील पाठकों के लिए समान रूप से उपयोगी और विचारोत्तेजक मानी जाती है।