
लाल झंडे का इतिहास
Book Details
-
Author: अनिल राजिमवाले
-
Edition: —
-
Cover: Paperback
-
ISBN: 9788170072638
-
Multiple Book Set: No
About the Book
यह पुस्तक लाल झंडे के उदय, विकास और उसके ऐतिहासिक अर्थ पर फैली हुई भ्रांतियों, किवदंतियों और गलतफहमियों का आलोचनात्मक विश्लेषण प्रस्तुत करती है। लेखक अनिल राजिमवाले यह स्पष्ट करने का प्रयास करते हैं कि समय के साथ किसी भी जन आंदोलन के साथ अनेक कहानियाँ जुड़ जाती हैं, जिनमें तथ्य और कल्पना अक्सर आपस में घुल-मिल जाते हैं।
पुस्तक में बताया गया है कि आंदोलन कई बार अपने आरंभिक बिंदु, मूल घटनाओं और बुनियादी प्रस्थापनाओं को भूल जाते हैं। लाल झंडा जैसे प्रतीक भी विशेष ऐतिहासिक और सामाजिक परिस्थितियों में जन्म लेते हैं, जिनका अर्थ और भूमिका समय तथा संदर्भ के अनुसार विकसित होती रहती है। लेखक इन प्रतीकों के वास्तविक ऐतिहासिक स्रोतों और उनके वैचारिक महत्व को सामने लाते हैं।
यह कृति वामपंथी आंदोलनों, राजनीतिक प्रतीकों, जन संघर्षों और वैचारिक इतिहास में रुचि रखने वाले पाठकों के लिए अत्यंत उपयोगी है। तथ्यपरक विश्लेषण और स्पष्ट भाषा के साथ लिखी गई यह पुस्तक लाल झंडे के इतिहास को समझने और उससे जुड़ी गलतफहमियों को दूर करने में महत्वपूर्ण योगदान देती है।
Original: $0.53
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Description
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Author: अनिल राजिमवाले
-
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ISBN: 9788170072638
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Multiple Book Set: No
About the Book
यह पुस्तक लाल झंडे के उदय, विकास और उसके ऐतिहासिक अर्थ पर फैली हुई भ्रांतियों, किवदंतियों और गलतफहमियों का आलोचनात्मक विश्लेषण प्रस्तुत करती है। लेखक अनिल राजिमवाले यह स्पष्ट करने का प्रयास करते हैं कि समय के साथ किसी भी जन आंदोलन के साथ अनेक कहानियाँ जुड़ जाती हैं, जिनमें तथ्य और कल्पना अक्सर आपस में घुल-मिल जाते हैं।
पुस्तक में बताया गया है कि आंदोलन कई बार अपने आरंभिक बिंदु, मूल घटनाओं और बुनियादी प्रस्थापनाओं को भूल जाते हैं। लाल झंडा जैसे प्रतीक भी विशेष ऐतिहासिक और सामाजिक परिस्थितियों में जन्म लेते हैं, जिनका अर्थ और भूमिका समय तथा संदर्भ के अनुसार विकसित होती रहती है। लेखक इन प्रतीकों के वास्तविक ऐतिहासिक स्रोतों और उनके वैचारिक महत्व को सामने लाते हैं।
यह कृति वामपंथी आंदोलनों, राजनीतिक प्रतीकों, जन संघर्षों और वैचारिक इतिहास में रुचि रखने वाले पाठकों के लिए अत्यंत उपयोगी है। तथ्यपरक विश्लेषण और स्पष्ट भाषा के साथ लिखी गई यह पुस्तक लाल झंडे के इतिहास को समझने और उससे जुड़ी गलतफहमियों को दूर करने में महत्वपूर्ण योगदान देती है।












