
घोरों की धरती पर इंक़लाब
Book Details
-
Author: दुर्गाराम शर्मा
-
Edition: 2016
-
Cover: Paperback
-
ISBN: 9788170072645
-
Multiple Book Set: No
About the Book
यह पुस्तक दुर्गाराम शर्मा द्वारा लिखी गई है, जिसमें लेखक ने अपने गहरे चिंतन और समाज के विभिन्न पहलुओं पर आधारित विचार प्रस्तुत किए हैं। पुस्तक में समाज, संस्कृति, और भारतीय समाज के सामाजिक ढांचे पर विचार किया गया है, और यह उन जटिलताओं और विरोधाभासों को उजागर करती है जो भारतीय समाज की संरचना में व्याप्त हैं।
लेखक ने इस कृति में भारतीय समाज की परंपराओं, मूल्यों और विचारों के साथ-साथ आधुनिकता के प्रभाव को भी विश्लेषित किया है। वह समाज के प्रत्येक वर्ग के दृष्टिकोण से समस्याओं और उनके समाधान की दिशा को समझाने का प्रयास करते हैं।
यह पुस्तक समाजशास्त्र, भारतीय संस्कृति और समाज के अध्ययन में रुचि रखने वाले पाठकों के लिए एक महत्वपूर्ण संदर्भ ग्रंथ साबित हो सकती है। गहरी विचारशीलता, स्पष्ट प्रस्तुति और सांस्कृतिक संवेदनशीलता के कारण यह कृति उन पाठकों के लिए उपयोगी है जो भारतीय समाज के सामाजिक और सांस्कृतिक पक्षों को समझने की कोशिश कर रहे हैं।
Original: $1.07
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Description
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Author: दुर्गाराम शर्मा
-
Edition: 2016
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Cover: Paperback
-
ISBN: 9788170072645
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About the Book
यह पुस्तक दुर्गाराम शर्मा द्वारा लिखी गई है, जिसमें लेखक ने अपने गहरे चिंतन और समाज के विभिन्न पहलुओं पर आधारित विचार प्रस्तुत किए हैं। पुस्तक में समाज, संस्कृति, और भारतीय समाज के सामाजिक ढांचे पर विचार किया गया है, और यह उन जटिलताओं और विरोधाभासों को उजागर करती है जो भारतीय समाज की संरचना में व्याप्त हैं।
लेखक ने इस कृति में भारतीय समाज की परंपराओं, मूल्यों और विचारों के साथ-साथ आधुनिकता के प्रभाव को भी विश्लेषित किया है। वह समाज के प्रत्येक वर्ग के दृष्टिकोण से समस्याओं और उनके समाधान की दिशा को समझाने का प्रयास करते हैं।
यह पुस्तक समाजशास्त्र, भारतीय संस्कृति और समाज के अध्ययन में रुचि रखने वाले पाठकों के लिए एक महत्वपूर्ण संदर्भ ग्रंथ साबित हो सकती है। गहरी विचारशीलता, स्पष्ट प्रस्तुति और सांस्कृतिक संवेदनशीलता के कारण यह कृति उन पाठकों के लिए उपयोगी है जो भारतीय समाज के सामाजिक और सांस्कृतिक पक्षों को समझने की कोशिश कर रहे हैं।










