
क्या करे ? (HB)
Book Details
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Author: व्ला. इ. लेनिन
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Edition: नवम्बर 2011
-
Cover: Paperback
-
Multiple Book Set: No
About the Book
यह पुस्तिका व्ला. इ. लेनिन के उन विचारों को विस्तार से प्रस्तुत करने का प्रयास है, जिन्हें उन्होंने अपने प्रसिद्ध लेख “क्या से शुरू करें?” में व्यक्त किया था। लेखक की मूल योजना के अनुसार, इस पुस्तक में उन्हीं विचारों की क्रमबद्ध और गहन विवेचना की जानी थी। हालांकि, लेनिन स्वयं यह स्वीकार करते हैं कि उस लेख में किए गए सभी वादों को इस पुस्तिका में पूर्ण रूप से निभा पाना संभव नहीं हो सका, और इसी कारण वे पाठकों से क्षमा भी मांगते हैं।
पुस्तक में क्रांतिकारी संगठन, राजनीतिक रणनीति और आंदोलन की दिशा जैसे मूलभूत प्रश्नों पर विचार किया गया है। लेनिन यह स्पष्ट करते हैं कि किसी भी क्रांतिकारी संघर्ष की सफलता के लिए सही आरंभिक कदम, वैचारिक स्पष्टता और संगठनात्मक अनुशासन कितने आवश्यक हैं।
यह कृति वामपंथी राजनीति, क्रांतिकारी सिद्धांत और संगठनात्मक प्रश्नों में रुचि रखने वाले पाठकों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। ऐतिहासिक संदर्भ और वैचारिक गहराई के साथ प्रस्तुत यह पुस्तिका राजनीतिक कार्यकर्ताओं और विचारशील पाठकों को संघर्ष की सही दिशा समझने में सहायता करती है।
Original: $1.60
-70%$1.60
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Description
Book Details
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Author: व्ला. इ. लेनिन
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Edition: नवम्बर 2011
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Cover: Paperback
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Multiple Book Set: No
About the Book
यह पुस्तिका व्ला. इ. लेनिन के उन विचारों को विस्तार से प्रस्तुत करने का प्रयास है, जिन्हें उन्होंने अपने प्रसिद्ध लेख “क्या से शुरू करें?” में व्यक्त किया था। लेखक की मूल योजना के अनुसार, इस पुस्तक में उन्हीं विचारों की क्रमबद्ध और गहन विवेचना की जानी थी। हालांकि, लेनिन स्वयं यह स्वीकार करते हैं कि उस लेख में किए गए सभी वादों को इस पुस्तिका में पूर्ण रूप से निभा पाना संभव नहीं हो सका, और इसी कारण वे पाठकों से क्षमा भी मांगते हैं।
पुस्तक में क्रांतिकारी संगठन, राजनीतिक रणनीति और आंदोलन की दिशा जैसे मूलभूत प्रश्नों पर विचार किया गया है। लेनिन यह स्पष्ट करते हैं कि किसी भी क्रांतिकारी संघर्ष की सफलता के लिए सही आरंभिक कदम, वैचारिक स्पष्टता और संगठनात्मक अनुशासन कितने आवश्यक हैं।
यह कृति वामपंथी राजनीति, क्रांतिकारी सिद्धांत और संगठनात्मक प्रश्नों में रुचि रखने वाले पाठकों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। ऐतिहासिक संदर्भ और वैचारिक गहराई के साथ प्रस्तुत यह पुस्तिका राजनीतिक कार्यकर्ताओं और विचारशील पाठकों को संघर्ष की सही दिशा समझने में सहायता करती है।












