
फ्रेडरिक ऐंगल्स संक्षिप्त जीवनी
Book Details
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Author: ले , जॉन क्रेशर
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Edition: अक्टूबर 2020
-
Cover: Paperback
-
Multiple Book Set: Yes
About the Book
यह पुस्तक समकालीन अंतरराष्ट्रीय कम्युनिस्ट और मजदूर आंदोलनों के एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक प्रसंग को केंद्र में रखती है। लेखक ले, जॉन क्रेशर ने हाल ही में तुर्की में आयोजित 23 कम्युनिस्ट और मजदूर पार्टियों की बैठक के संदर्भ में इस कृति को प्रस्तुत किया है, जहाँ विश्व की सभी प्रगतिशील और कम्युनिस्ट शक्तियों से फ्रेडरिक एंगेल्स की 200वीं जयंती को सामूहिक रूप से मनाने का आह्वान किया गया।
पुस्तक में एंगेल्स के वैचारिक योगदान, मार्क्सवादी दर्शन के विकास में उनकी भूमिका और मजदूर वर्ग के संघर्षों में उनके विचारों की प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला गया है। साथ ही, यह भी दर्शाया गया है कि वर्तमान वैश्विक राजनीतिक और आर्थिक परिस्थितियों में एंगेल्स के सिद्धांत किस प्रकार आज भी प्रेरणा का स्रोत बने हुए हैं।
लेखक अंतरराष्ट्रीय एकजुटता, वर्ग संघर्ष और प्रगतिशील आंदोलनों के महत्व को रेखांकित करते हुए यह पुस्तक पाठकों को विचारधारात्मक चेतना और संगठनात्मक समझ प्रदान करती है। यह कृति राजनीति, इतिहास और वामपंथी विचारधारा में रुचि रखने वाले पाठकों के लिए विशेष रूप से उपयोगी है और समकालीन विश्व में मार्क्सवादी चिंतन की निरंतर प्रासंगिकता को उजागर करती है।
Original: $0.43
-70%$0.43
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Description
Book Details
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Author: ले , जॉन क्रेशर
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Edition: अक्टूबर 2020
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Cover: Paperback
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Multiple Book Set: Yes
About the Book
यह पुस्तक समकालीन अंतरराष्ट्रीय कम्युनिस्ट और मजदूर आंदोलनों के एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक प्रसंग को केंद्र में रखती है। लेखक ले, जॉन क्रेशर ने हाल ही में तुर्की में आयोजित 23 कम्युनिस्ट और मजदूर पार्टियों की बैठक के संदर्भ में इस कृति को प्रस्तुत किया है, जहाँ विश्व की सभी प्रगतिशील और कम्युनिस्ट शक्तियों से फ्रेडरिक एंगेल्स की 200वीं जयंती को सामूहिक रूप से मनाने का आह्वान किया गया।
पुस्तक में एंगेल्स के वैचारिक योगदान, मार्क्सवादी दर्शन के विकास में उनकी भूमिका और मजदूर वर्ग के संघर्षों में उनके विचारों की प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला गया है। साथ ही, यह भी दर्शाया गया है कि वर्तमान वैश्विक राजनीतिक और आर्थिक परिस्थितियों में एंगेल्स के सिद्धांत किस प्रकार आज भी प्रेरणा का स्रोत बने हुए हैं।
लेखक अंतरराष्ट्रीय एकजुटता, वर्ग संघर्ष और प्रगतिशील आंदोलनों के महत्व को रेखांकित करते हुए यह पुस्तक पाठकों को विचारधारात्मक चेतना और संगठनात्मक समझ प्रदान करती है। यह कृति राजनीति, इतिहास और वामपंथी विचारधारा में रुचि रखने वाले पाठकों के लिए विशेष रूप से उपयोगी है और समकालीन विश्व में मार्क्सवादी चिंतन की निरंतर प्रासंगिकता को उजागर करती है।












