🚚 Free Worldwide Shipping on All Orders!Shop Now
Product image 1
HomeStore

राजनैतिक अर्थ शास्त्र और विश्व आर्थिक संकट (HB)

राजनैतिक अर्थ शास्त्र और विश्व आर्थिक संकट (HB)

Book Details

  • Author: अनिल राजिमवाले

  • Edition: फरवरी 2011

  • Cover: Paperback

  • ISBN: 9788170072232

  • Multiple Book Set: No

About the Book
यह पुस्तक हिंदी भाषा में राजनीतिक अर्थशास्त्र से संबंधित साहित्य की लंबे समय से महसूस की जा रही कमी को पूरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। लेखक अनिल राजिमवाले ने इस कृति में वैज्ञानिक राजनीतिक अर्थशास्त्र की मूल अवधारणाओं को सरल, स्पष्ट और व्यवस्थित रूप में प्रस्तुत किया है, ताकि पाठक समकालीन आर्थिक परिवर्तनों को बेहतर ढंग से समझ सकें।

पिछले कुछ दशकों में विश्व अर्थतंत्र और भारतीय अर्थव्यवस्था में गहरे और व्यापक परिवर्तन आए हैं। इन परिवर्तनों को समझने के लिए केवल नीतिगत घोषणाएँ पर्याप्त नहीं होतीं, बल्कि राजनीतिक अर्थशास्त्र की बुनियादी अवधारणाओं की ठोस समझ आवश्यक होती है। इस पुस्तक में इन्हीं मूल प्रस्थापनाओं को स्पष्ट करने का प्रयास किया गया है, जिससे पाठक आर्थिक प्रक्रियाओं, वर्ग संबंधों और नीतिगत निर्णयों के पीछे छिपे तर्क को पहचान सकें।

यह कृति विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं, शिक्षकों और उन सभी पाठकों के लिए अत्यंत उपयोगी है जो हिंदी में राजनीतिक अर्थशास्त्र को गहराई से समझना चाहते हैं। विषय की सैद्धांतिक स्पष्टता और समकालीन संदर्भों के साथ प्रस्तुत यह पुस्तक भारतीय और वैश्विक अर्थव्यवस्था को समझने के लिए एक सशक्त मार्गदर्शक के रूप में सामने आती है।



$0.32

Original: $1.07

-70%
राजनैतिक अर्थ शास्त्र और विश्व आर्थिक संकट (HB)

$1.07

$0.32

Product Information

Shipping & Returns

Description

Book Details

  • Author: अनिल राजिमवाले

  • Edition: फरवरी 2011

  • Cover: Paperback

  • ISBN: 9788170072232

  • Multiple Book Set: No

About the Book
यह पुस्तक हिंदी भाषा में राजनीतिक अर्थशास्त्र से संबंधित साहित्य की लंबे समय से महसूस की जा रही कमी को पूरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। लेखक अनिल राजिमवाले ने इस कृति में वैज्ञानिक राजनीतिक अर्थशास्त्र की मूल अवधारणाओं को सरल, स्पष्ट और व्यवस्थित रूप में प्रस्तुत किया है, ताकि पाठक समकालीन आर्थिक परिवर्तनों को बेहतर ढंग से समझ सकें।

पिछले कुछ दशकों में विश्व अर्थतंत्र और भारतीय अर्थव्यवस्था में गहरे और व्यापक परिवर्तन आए हैं। इन परिवर्तनों को समझने के लिए केवल नीतिगत घोषणाएँ पर्याप्त नहीं होतीं, बल्कि राजनीतिक अर्थशास्त्र की बुनियादी अवधारणाओं की ठोस समझ आवश्यक होती है। इस पुस्तक में इन्हीं मूल प्रस्थापनाओं को स्पष्ट करने का प्रयास किया गया है, जिससे पाठक आर्थिक प्रक्रियाओं, वर्ग संबंधों और नीतिगत निर्णयों के पीछे छिपे तर्क को पहचान सकें।

यह कृति विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं, शिक्षकों और उन सभी पाठकों के लिए अत्यंत उपयोगी है जो हिंदी में राजनीतिक अर्थशास्त्र को गहराई से समझना चाहते हैं। विषय की सैद्धांतिक स्पष्टता और समकालीन संदर्भों के साथ प्रस्तुत यह पुस्तक भारतीय और वैश्विक अर्थव्यवस्था को समझने के लिए एक सशक्त मार्गदर्शक के रूप में सामने आती है।