🚚 Free Worldwide Shipping on All Orders!Shop Now
Product image 1
HomeStore

वर्ग, जाति, आरक्षण और जातिवाद के खिलाफ संघर्ष

वर्ग, जाति, आरक्षण और जातिवाद के खिलाफ संघर्ष

Book Details

  • Author: ए. बी. बर्धन

  • Edition: —

  • Cover: Paperback

  • ISBN: 9788170072201

  • Multiple Book Set: No

About the Book
यह पुस्तक वर्ग, जाति, आरक्षण और जातिवाद के विरुद्ध संघर्ष से जुड़े वैचारिक और राजनीतिक दस्तावेज़ों का एक महत्वपूर्ण संकलन है। यह सामग्री पहली बार 1990 में एक पुस्तिका के रूप में प्रकाशित हुई थी और इसमें 1980 के दशक में लिखे गए चुनिंदा लेखों और दस्तावेज़ों को शामिल किया गया है। उस दौर में आरक्षण के समर्थन और विरोध में देशभर में तीखी बहसें और व्यापक आंदोलन चल रहे थे।

पुस्तक विशेष रूप से उस ऐतिहासिक संदर्भ को रेखांकित करती है जब मंडल आयोग की सिफारिशों और वी. पी. सिंह सरकार द्वारा उन्हें लागू करने की घोषणा से पहले ही आरक्षण से जुड़ा आंदोलन आकार ले चुका था। लेखक ए. बी. बर्धन वर्गीय दृष्टिकोण से जाति प्रश्न, सामाजिक न्याय और राजनीतिक रणनीति पर विचार प्रस्तुत करते हैं।

यह कृति भारतीय राजनीति, सामाजिक न्याय, वामपंथी विचारधारा और समकालीन आंदोलनों में रुचि रखने वाले पाठकों के लिए अत्यंत उपयोगी है। ऐतिहासिक दस्तावेज़ों और विश्लेषणात्मक लेखों के माध्यम से यह पुस्तक वर्ग और जाति के जटिल संबंधों को समझने में महत्वपूर्ण योगदान देती है।



$0.19

Original: $0.64

-70%
वर्ग, जाति, आरक्षण और जातिवाद के खिलाफ संघर्ष

$0.64

$0.19

Product Information

Shipping & Returns

Description

Book Details

  • Author: ए. बी. बर्धन

  • Edition: —

  • Cover: Paperback

  • ISBN: 9788170072201

  • Multiple Book Set: No

About the Book
यह पुस्तक वर्ग, जाति, आरक्षण और जातिवाद के विरुद्ध संघर्ष से जुड़े वैचारिक और राजनीतिक दस्तावेज़ों का एक महत्वपूर्ण संकलन है। यह सामग्री पहली बार 1990 में एक पुस्तिका के रूप में प्रकाशित हुई थी और इसमें 1980 के दशक में लिखे गए चुनिंदा लेखों और दस्तावेज़ों को शामिल किया गया है। उस दौर में आरक्षण के समर्थन और विरोध में देशभर में तीखी बहसें और व्यापक आंदोलन चल रहे थे।

पुस्तक विशेष रूप से उस ऐतिहासिक संदर्भ को रेखांकित करती है जब मंडल आयोग की सिफारिशों और वी. पी. सिंह सरकार द्वारा उन्हें लागू करने की घोषणा से पहले ही आरक्षण से जुड़ा आंदोलन आकार ले चुका था। लेखक ए. बी. बर्धन वर्गीय दृष्टिकोण से जाति प्रश्न, सामाजिक न्याय और राजनीतिक रणनीति पर विचार प्रस्तुत करते हैं।

यह कृति भारतीय राजनीति, सामाजिक न्याय, वामपंथी विचारधारा और समकालीन आंदोलनों में रुचि रखने वाले पाठकों के लिए अत्यंत उपयोगी है। ऐतिहासिक दस्तावेज़ों और विश्लेषणात्मक लेखों के माध्यम से यह पुस्तक वर्ग और जाति के जटिल संबंधों को समझने में महत्वपूर्ण योगदान देती है।