🚚 Free Worldwide Shipping on All Orders!Shop Now
Product image 1
HomeStore

मनुष्य और समाज

मनुष्य और समाज

Book Details

  • Author: शमीम फ़ैज़ी

  • Edition: —

  • Cover: Paperback

  • ISBN: 9788170072065

  • Multiple Book Set: No

About the Book
यह पुस्तक सामाजिक संगठन और मनुष्य–समाज के संबंधों पर केंद्रित एक गंभीर वैचारिक अध्ययन प्रस्तुत करती है। लेखक शमीम फ़ैज़ी यह रेखांकित करते हैं कि जिन लोगों ने भी सामाजिक संगठन की समस्या पर चिंतन–मनन किया है, वे बार-बार इसी मूल प्रश्न पर लौटते हैं कि मनुष्य और समाज के बीच वास्तविक संबंध क्या हैं और उन्हें किस दिशा में विकसित होना चाहिए।

पुस्तक में पूँजीवाद के सिद्धांतकारों, राजनीतिज्ञों और प्रचारकों द्वारा समाजवाद के विरुद्ध किए जा रहे दुष्प्रचार की आलोचनात्मक समीक्षा की गई है। लेखक के अनुसार समाजवाद केवल एक राजनीतिक या आर्थिक व्यवस्था नहीं, बल्कि वह दृष्टिकोण है जो मनुष्य को सच्ची स्वतंत्रता प्रदान करता है—शोषण से, राजनीतिक एवं राष्ट्रीय दमन से और आध्यात्मिक बंधनों से मुक्ति दिलाने का मार्ग प्रशस्त करता है।

यह कृति सामाजिक दर्शन, राजनीतिक विचारधारा और समाजवादी चिंतन में रुचि रखने वाले पाठकों के लिए अत्यंत उपयोगी है। तर्कसंगत विश्लेषण और स्पष्ट वैचारिक पक्ष के कारण यह पुस्तक मनुष्य, समाज और स्वतंत्रता के प्रश्नों पर गहन समझ विकसित करने में सहायक सिद्ध होती है।



$0.54

Original: $1.81

-70%
मनुष्य और समाज

$1.81

$0.54

Product Information

Shipping & Returns

Description

Book Details

  • Author: शमीम फ़ैज़ी

  • Edition: —

  • Cover: Paperback

  • ISBN: 9788170072065

  • Multiple Book Set: No

About the Book
यह पुस्तक सामाजिक संगठन और मनुष्य–समाज के संबंधों पर केंद्रित एक गंभीर वैचारिक अध्ययन प्रस्तुत करती है। लेखक शमीम फ़ैज़ी यह रेखांकित करते हैं कि जिन लोगों ने भी सामाजिक संगठन की समस्या पर चिंतन–मनन किया है, वे बार-बार इसी मूल प्रश्न पर लौटते हैं कि मनुष्य और समाज के बीच वास्तविक संबंध क्या हैं और उन्हें किस दिशा में विकसित होना चाहिए।

पुस्तक में पूँजीवाद के सिद्धांतकारों, राजनीतिज्ञों और प्रचारकों द्वारा समाजवाद के विरुद्ध किए जा रहे दुष्प्रचार की आलोचनात्मक समीक्षा की गई है। लेखक के अनुसार समाजवाद केवल एक राजनीतिक या आर्थिक व्यवस्था नहीं, बल्कि वह दृष्टिकोण है जो मनुष्य को सच्ची स्वतंत्रता प्रदान करता है—शोषण से, राजनीतिक एवं राष्ट्रीय दमन से और आध्यात्मिक बंधनों से मुक्ति दिलाने का मार्ग प्रशस्त करता है।

यह कृति सामाजिक दर्शन, राजनीतिक विचारधारा और समाजवादी चिंतन में रुचि रखने वाले पाठकों के लिए अत्यंत उपयोगी है। तर्कसंगत विश्लेषण और स्पष्ट वैचारिक पक्ष के कारण यह पुस्तक मनुष्य, समाज और स्वतंत्रता के प्रश्नों पर गहन समझ विकसित करने में सहायक सिद्ध होती है।