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परिवार निजी सम्पति और राज्य की उत्पति

परिवार निजी सम्पति और राज्य की उत्पति

Book Details

  • Author: फ्रेडरिक ऐंगल्स

  • Edition: 2016

  • Cover: Paperback

  • ISBN: 9788170072331

  • Multiple Book Set: No

About the Book
यह पुस्तक फ्रेडरिक ऐंगल्स की एक अत्यंत महत्वपूर्ण वैचारिक कृति है, जिसे लेखक ने कार्ल मार्क्स की एक अधूरी किंतु अत्यंत महत्वपूर्ण बौद्धिक योजना की पूर्ति के रूप में प्रस्तुत किया। ऐंगल्स स्वयं बताते हैं कि यह रचना कई अर्थों में एक “अंतिम अभिलाषा” की पूर्ति है, क्योंकि कार्ल मार्क्स की यह योजना थी कि अमेरिकी मानवशास्त्री लुईस हेनरी मॉर्गन की खोजों के निष्कर्षों को उन ऐतिहासिक निष्कर्षों के साथ जोड़ा जाए, जिन तक वे दोनों ऐतिहासिक भौतिकवाद के अध्ययन के माध्यम से पहुँचे थे।

पुस्तक में मॉर्गन के मानव समाज के विकास संबंधी शोध को भौतिकवादी इतिहास-दृष्टिकोण के साथ जोड़कर प्रस्तुत किया गया है। इसके माध्यम से यह स्पष्ट किया गया है कि मानव समाज, परिवार, संपत्ति और राज्य जैसी संस्थाएँ किस प्रकार ऐतिहासिक रूप से विकसित हुईं और उनके पीछे कौन-सी भौतिक परिस्थितियाँ निर्णायक रहीं।

यह कृति ऐतिहासिक भौतिकवाद, समाज के विकास के सिद्धांत और मार्क्सवादी दर्शन को समझने के लिए एक आधारभूत ग्रंथ मानी जाती है। इतिहास, समाजशास्त्र, मानवशास्त्र और मार्क्सवादी विचारधारा में रुचि रखने वाले विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं और गंभीर पाठकों के लिए यह पुस्तक अत्यंत उपयोगी और संदर्भात्मक महत्व रखती है।



$0.64

Original: $2.13

-70%
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  • Author: फ्रेडरिक ऐंगल्स

  • Edition: 2016

  • Cover: Paperback

  • ISBN: 9788170072331

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यह पुस्तक फ्रेडरिक ऐंगल्स की एक अत्यंत महत्वपूर्ण वैचारिक कृति है, जिसे लेखक ने कार्ल मार्क्स की एक अधूरी किंतु अत्यंत महत्वपूर्ण बौद्धिक योजना की पूर्ति के रूप में प्रस्तुत किया। ऐंगल्स स्वयं बताते हैं कि यह रचना कई अर्थों में एक “अंतिम अभिलाषा” की पूर्ति है, क्योंकि कार्ल मार्क्स की यह योजना थी कि अमेरिकी मानवशास्त्री लुईस हेनरी मॉर्गन की खोजों के निष्कर्षों को उन ऐतिहासिक निष्कर्षों के साथ जोड़ा जाए, जिन तक वे दोनों ऐतिहासिक भौतिकवाद के अध्ययन के माध्यम से पहुँचे थे।

पुस्तक में मॉर्गन के मानव समाज के विकास संबंधी शोध को भौतिकवादी इतिहास-दृष्टिकोण के साथ जोड़कर प्रस्तुत किया गया है। इसके माध्यम से यह स्पष्ट किया गया है कि मानव समाज, परिवार, संपत्ति और राज्य जैसी संस्थाएँ किस प्रकार ऐतिहासिक रूप से विकसित हुईं और उनके पीछे कौन-सी भौतिक परिस्थितियाँ निर्णायक रहीं।

यह कृति ऐतिहासिक भौतिकवाद, समाज के विकास के सिद्धांत और मार्क्सवादी दर्शन को समझने के लिए एक आधारभूत ग्रंथ मानी जाती है। इतिहास, समाजशास्त्र, मानवशास्त्र और मार्क्सवादी विचारधारा में रुचि रखने वाले विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं और गंभीर पाठकों के लिए यह पुस्तक अत्यंत उपयोगी और संदर्भात्मक महत्व रखती है।